20 जनवरी 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 20 जनवरी 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 जनवरी 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (09:12, 21 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:15, 21 जन॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 10:01 से 11:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 18:05
रात 07:20 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:15 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:20 – 08:41टालें
शुभ08:41 – 10:01शुभ
रोग10:01 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:42टालें
चर12:42 – 14:03सामान्य
लाभ14:03 – 15:24शुभ
अमृत15:24 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:05 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:23टालें
शुभ21:23 – 23:03शुभ
अमृत23:03 – 00:42शुभ
चर00:42 – 02:22सामान्य
रोग02:22 – 04:01टालें
काल04:01 – 05:41टालें
लाभ05:41 – 07:20शुभ

20 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 09:12, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:15, 21 जन॰ तक
रेवती 07:12, 22 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 09:10 तक
शिव 10:00, 21 जन॰ तक
करण
कौलव 19:56 तक
तैतिल 09:12, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
10:21
चंद्रास्त
23:08
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
10:01 – 11:22
यमगंड
14:03 – 15:24
गुलिक काल
07:20 – 08:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2008:14दिन
गुरु08:1409:08दिन
मंगल09:0810:01दिन
सूर्य10:0110:55दिन
शुक्र10:5511:49दिन
बुध11:4912:42दिन
चंद्र12:4213:36दिन
शनि13:3614:30दिन
गुरु14:3015:24दिन
मंगल15:2416:17दिन
सूर्य16:1717:11दिन
शुक्र17:1118:05दिन
बुध18:0519:11रात
चंद्र19:1120:17रात
शनि20:1721:23रात
गुरु21:2322:30रात
मंगल22:3023:36रात
सूर्य23:3600:42रात
शुक्र00:4201:49रात
बुध01:4902:55रात
चंद्र02:5504:01रात
शनि04:0105:07रात
गुरु05:0706:14रात
मंगल06:1407:20रात

अयनांश 24.2629° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।