21 जनवरी 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 21 जनवरी 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 जनवरी 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (09:12 तक), नक्षत्र रेवती (07:12, 22 जन॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 16:45 से 18:05 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 18:05
रात 07:20 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 07:12 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:20 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:22शुभ
अमृत11:22 – 12:43शुभ
काल12:43 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:24शुभ
रोग15:24 – 16:45टालें
उद्वेग16:45 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:05 – 19:45शुभ
अमृत19:45 – 21:24शुभ
चर21:24 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:43टालें
काल00:43 – 02:22टालें
लाभ02:22 – 04:01शुभ
उद्वेग04:01 – 05:40टालें
शुभ05:40 – 07:20शुभ

21 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 09:12 तक
शुक्ल सप्तमी 11:43, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:12, 22 जन॰ तक
अश्विनी 09:56, 23 जन॰ तक
योग
शिव 10:00 तक
सिद्ध 10:49, 22 जन॰ तक
करण
तैतिल 09:12 तक
गर 22:29 तक
वणिज 11:43, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:12, 22 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:04

अशुभ समय

राहुकाल
16:45 – 18:05
यमगंड
12:43 – 14:03
गुलिक काल
15:24 – 16:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2008:14दिन
शुक्र08:1409:08दिन
बुध09:0810:01दिन
चंद्र10:0110:55दिन
शनि10:5511:49दिन
गुरु11:4912:43दिन
मंगल12:4313:37दिन
सूर्य13:3714:30दिन
शुक्र14:3015:24दिन
बुध15:2416:18दिन
चंद्र16:1817:12दिन
शनि17:1218:05दिन
गुरु18:0519:12रात
मंगल19:1220:18रात
सूर्य20:1821:24रात
शुक्र21:2422:30रात
बुध22:3023:36रात
चंद्र23:3600:43रात
शनि00:4301:49रात
गुरु01:4902:55रात
मंगल02:5504:01रात
सूर्य04:0105:07रात
शुक्र05:0706:14रात
बुध06:1407:20रात

अयनांश 24.2630° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।