12 मार्च 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 12 मार्च 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 मार्च 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (05:30, 13 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (07:36 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 08:13 से 09:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 18:39
रात 06:43 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:30 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:44 – 08:13शुभ
काल08:13 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:41टालें
उद्वेग12:41 – 14:11टालें
चर14:11 – 15:40सामान्य
लाभ15:40 – 17:09शुभ
अमृत17:09 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:39 – 20:09सामान्य
रोग20:09 – 21:40टालें
काल21:40 – 23:10टालें
लाभ23:10 – 00:41शुभ
उद्वेग00:41 – 02:11टालें
शुभ02:11 – 03:42शुभ
अमृत03:42 – 05:12शुभ
चर05:12 – 06:43सामान्य

12 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 05:30, 13 मार्च तक
कृष्ण चतुर्दशी 07:33, 14 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 07:36 तक
धनिष्ठा 09:57, 13 मार्च तक
योग
शिव 18:11 तक
सिद्ध 18:37, 13 मार्च तक
करण
गर 16:34 तक
वणिज 05:30, 13 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 18:30, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 20:44 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
04:50
चंद्रास्त
16:20
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
08:13 – 09:43
यमगंड
11:12 – 12:41
गुलिक काल
14:11 – 15:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4407:43दिन
शनि07:4308:43दिन
गुरु08:4309:43दिन
मंगल09:4310:42दिन
सूर्य10:4211:42दिन
शुक्र11:4212:41दिन
बुध12:4113:41दिन
चंद्र13:4114:40दिन
शनि14:4015:40दिन
गुरु15:4016:39दिन
मंगल16:3917:39दिन
सूर्य17:3918:39दिन
शुक्र18:3919:39रात
बुध19:3920:39रात
चंद्र20:3921:40रात
शनि21:4022:40रात
गुरु22:4023:40रात
मंगल23:4000:41रात
सूर्य00:4101:41रात
शुक्र01:4102:41रात
बुध02:4103:42रात
चंद्र03:4204:42रात
शनि04:4205:42रात
गुरु05:4206:43रात

अयनांश 24.2649° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।