13 मार्च 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 13 मार्च 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 मार्च 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (07:33, 14 मार्च तक), नक्षत्र धनिष्ठा (09:57 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 15:40 से 17:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:39
रात 06:42 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 09:57 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:43 – 08:12टालें
उद्वेग08:12 – 09:42टालें
चर09:42 – 11:11सामान्य
लाभ11:11 – 12:41शुभ
अमृत12:41 – 14:10शुभ
काल14:10 – 15:40टालें
शुभ15:40 – 17:09शुभ
रोग17:09 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:39 – 20:09टालें
लाभ20:09 – 21:40शुभ
उद्वेग21:40 – 23:10टालें
शुभ23:10 – 00:40शुभ
अमृत00:40 – 02:11शुभ
चर02:11 – 03:41सामान्य
रोग03:41 – 05:11टालें
काल05:11 – 06:42टालें

13 मार्च 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 07:33, 14 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 12:32, 14 मार्च तक
योग
सिद्ध 18:37 तक
साध्य 19:14, 14 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:30 तक
शकुनि 07:33, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
05:23
चंद्रास्त
17:13
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
15:40 – 17:09
यमगंड
09:42 – 11:11
गुलिक काल
12:41 – 14:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4307:42दिन
सूर्य07:4208:42दिन
शुक्र08:4209:42दिन
बुध09:4210:42दिन
चंद्र10:4211:41दिन
शनि11:4112:41दिन
गुरु12:4113:41दिन
मंगल13:4114:40दिन
सूर्य14:4015:40दिन
शुक्र15:4016:40दिन
बुध16:4017:39दिन
चंद्र17:3918:39दिन
शनि18:3919:39रात
गुरु19:3920:39रात
मंगल20:3921:40रात
सूर्य21:4022:40रात
शुक्र22:4023:40रात
बुध23:4000:40रात
चंद्र00:4001:41रात
शनि01:4102:41रात
गुरु02:4103:41रात
मंगल03:4104:41रात
सूर्य04:4105:42रात
शुक्र05:4206:42रात

अयनांश 24.2649° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।