14 मार्च 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 14 मार्च 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 14 मार्च 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (07:33 तक), नक्षत्र शतभिषा (12:32 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 12:41 से 14:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:40
रात 06:41 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
शतभिषा, 12:32 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:42 – 08:11शुभ
अमृत08:11 – 09:41शुभ
काल09:41 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:41शुभ
रोग12:41 – 14:10टालें
उद्वेग14:10 – 15:40टालें
चर15:40 – 17:10सामान्य
लाभ17:10 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:40 – 20:10टालें
शुभ20:10 – 21:40शुभ
अमृत21:40 – 23:10शुभ
चर23:10 – 00:40सामान्य
रोग00:40 – 02:10टालें
काल02:10 – 03:40टालें
लाभ03:40 – 05:11शुभ
उद्वेग05:11 – 06:41टालें

14 मार्च 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 07:33 तक
अमावस्या 09:49, 15 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 12:32 तक
पूर्वा भाद्रपद 15:19, 15 मार्च तक
योग
साध्य 19:14 तक
शुभ 19:58, 15 मार्च तक
करण
शकुनि 07:33 तक
चतुष्पद 20:40 तक
नाग 09:49, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
05:54
चंद्रास्त
18:05
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:05 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:41 – 14:10
यमगंड
08:11 – 09:41
गुलिक काल
11:11 – 12:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4207:42दिन
चंद्र07:4208:41दिन
शनि08:4109:41दिन
गुरु09:4110:41दिन
मंगल10:4111:41दिन
सूर्य11:4112:41दिन
शुक्र12:4113:40दिन
बुध13:4014:40दिन
चंद्र14:4015:40दिन
शनि15:4016:40दिन
गुरु16:4017:40दिन
मंगल17:4018:40दिन
सूर्य18:4019:40रात
शुक्र19:4020:40रात
बुध20:4021:40रात
चंद्र21:4022:40रात
शनि22:4023:40रात
गुरु23:4000:40रात
मंगल00:4001:40रात
सूर्य01:4002:40रात
शुक्र02:4003:40रात
बुध03:4004:40रात
चंद्र04:4005:41रात
शनि05:4106:41रात

अयनांश 24.2649° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।