6 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 6 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (05:34, 7 मई तक), नक्षत्र धनिष्ठा (22:03 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 17:27 से 19:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 19:06
रात 05:49 तक
तिथि
नवमी, 05:34 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा, 22:03 तक
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:50 – 07:29टालें
चर07:29 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:49शुभ
अमृत10:49 – 12:28शुभ
काल12:28 – 14:08टालें
शुभ14:08 – 15:47शुभ
रोग15:47 – 17:27टालें
उद्वेग17:27 – 19:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:06 – 20:27शुभ
अमृत20:27 – 21:47शुभ
चर21:47 – 23:07सामान्य
रोग23:07 – 00:28टालें
काल00:28 – 01:48टालें
लाभ01:48 – 03:08शुभ
उद्वेग03:08 – 04:29टालें
शुभ04:29 – 05:49शुभ

6 मई 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 05:34, 7 मई तक
कृष्ण दशमी 07:40, 8 मई तक
नक्षत्र
शतभिषा 00:37, 8 मई तक
योग
शुक्ल 05:59 तक
ब्रह्म 06:19, 7 मई तक
करण
तैतिल 16:40 तक
गर 05:34, 7 मई तक
वणिज 18:34, 7 मई तक
चंद्र राशि
मकर 08:56 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
01:25
चंद्रास्त
13:04
दिनमान
13h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
17:27 – 19:06
यमगंड
12:28 – 14:08
गुलिक काल
15:47 – 17:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5006:56दिन
शुक्र06:5608:03दिन
बुध08:0309:09दिन
चंद्र09:0910:15दिन
शनि10:1511:22दिन
गुरु11:2212:28दिन
मंगल12:2813:34दिन
सूर्य13:3414:41दिन
शुक्र14:4115:47दिन
बुध15:4716:53दिन
चंद्र16:5318:00दिन
शनि18:0019:06दिन
गुरु19:0620:00रात
मंगल20:0020:53रात
सूर्य20:5321:47रात
शुक्र21:4722:41रात
बुध22:4123:34रात
चंद्र23:3400:28रात
शनि00:2801:21रात
गुरु01:2102:15रात
मंगल02:1503:08रात
सूर्य03:0804:02रात
शुक्र04:0204:56रात
बुध04:5605:49रात

अयनांश 24.2670° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।