15 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 15 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 15 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (22:20 तक), नक्षत्र रोहिणी (19:21 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है। राहुकाल 15:49 से 17:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 19:11
रात 05:44 तक
तिथि
द्वितीया, 22:20 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 19:21 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:44 – 07:25टालें
उद्वेग07:25 – 09:06टालें
चर09:06 – 10:47सामान्य
लाभ10:47 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 14:09शुभ
काल14:09 – 15:49टालें
शुभ15:49 – 17:30शुभ
रोग17:30 – 19:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:11 – 20:30टालें
लाभ20:30 – 21:49शुभ
उद्वेग21:49 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:47शुभ
चर01:47 – 03:06सामान्य
रोग03:06 – 04:25टालें
काल04:25 – 05:44टालें

15 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 22:20 तक
शुक्ल तृतीया 23:20, 16 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 19:21 तक
मृगशिरा 21:02, 16 मई तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:00 तक
सुकर्मा 11:56, 16 मई तक
करण
बालव 09:41 तक
कौलव 22:20 तक
तैतिल 10:53, 16 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
06:45
चंद्रास्त
20:58
दिनमान
13h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:49 – 17:30
यमगंड
09:06 – 10:47
गुलिक काल
12:28 – 14:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4406:52दिन
सूर्य06:5207:59दिन
शुक्र07:5909:06दिन
बुध09:0610:13दिन
चंद्र10:1311:21दिन
शनि11:2112:28दिन
गुरु12:2813:35दिन
मंगल13:3514:42दिन
सूर्य14:4215:49दिन
शुक्र15:4916:57दिन
बुध16:5718:04दिन
चंद्र18:0419:11दिन
शनि19:1120:04रात
गुरु20:0420:57रात
मंगल20:5721:49रात
सूर्य21:4922:42रात
शुक्र22:4223:35रात
बुध23:3500:28रात
चंद्र00:2801:20रात
शनि01:2002:13रात
गुरु02:1303:06रात
मंगल03:0603:58रात
सूर्य03:5804:51रात
शुक्र04:5105:44रात

अयनांश 24.2673° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।