20 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 20 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 20 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (22:29 तक), नक्षत्र आश्लेषा (23:02 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है। राहुकाल 17:32 से 19:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 19:14
रात 05:42 तक
तिथि
सप्तमी, 22:29 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 23:02 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:42 – 07:24टालें
चर07:24 – 09:05सामान्य
लाभ09:05 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:28शुभ
काल12:28 – 14:09टालें
शुभ14:09 – 15:51शुभ
रोग15:51 – 17:32टालें
उद्वेग17:32 – 19:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:14 – 20:32शुभ
अमृत20:32 – 21:51शुभ
चर21:51 – 23:09सामान्य
रोग23:09 – 00:28टालें
काल00:28 – 01:46टालें
लाभ01:46 – 03:05शुभ
उद्वेग03:05 – 04:23टालें
शुभ04:23 – 05:42शुभ

20 मई 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 22:29 तक
शुक्ल अष्टमी 20:54, 21 मई तक
नक्षत्र
मघा 22:10, 21 मई तक
योग
वृद्धि 08:05 तक
ध्रुव 06:03, 21 मई तक
करण
गर 11:05 तक
वणिज 22:29 तक
विष्टि (भद्रा) 09:46, 21 मई तक
चंद्र राशि
कर्क 23:02 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
19:14
चंद्रोदय
11:31
चंद्रास्त
00:01
दिनमान
13h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
17:32 – 19:14
यमगंड
12:28 – 14:09
गुलिक काल
15:51 – 17:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4206:50दिन
शुक्र06:5007:57दिन
बुध07:5709:05दिन
चंद्र09:0510:13दिन
शनि10:1311:20दिन
गुरु11:2012:28दिन
मंगल12:2813:36दिन
सूर्य13:3614:43दिन
शुक्र14:4315:51दिन
बुध15:5116:59दिन
चंद्र16:5918:06दिन
शनि18:0619:14दिन
गुरु19:1420:06रात
मंगल20:0620:59रात
सूर्य20:5921:51रात
शुक्र21:5122:43रात
बुध22:4323:35रात
चंद्र23:3500:28रात
शनि00:2801:20रात
गुरु01:2002:12रात
मंगल02:1203:05रात
सूर्य03:0503:57रात
शुक्र03:5704:49रात
बुध04:4905:42रात

अयनांश 24.2675° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।