11 अक्टूबर 2026 को रायपुर का चौघड़िया

रविवार, 11 अक्टूबर 2026, रायपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को रायपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:31 तक), नक्षत्र चित्रा (22:32 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 16:14 से 17:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:42
रात 05:57 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:31 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 22:32 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:57 – 07:25टालें
चर07:25 – 08:53सामान्य
लाभ08:53 – 10:22शुभ
अमृत10:22 – 11:50शुभ
काल11:50 – 13:18टालें
शुभ13:18 – 14:46शुभ
रोग14:46 – 16:14टालें
उद्वेग16:14 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:42 – 19:14शुभ
अमृत19:14 – 20:46शुभ
चर20:46 – 22:18सामान्य
रोग22:18 – 23:50टालें
काल23:50 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 02:54शुभ
उद्वेग02:54 – 04:26टालें
शुभ04:26 – 05:57शुभ

11 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:31 तक
शुक्ल द्वितीया 22:13, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 22:32 तक
स्वाति 23:52, 12 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:05 तक
विष्कंभअशुभ 20:32, 12 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:22 तक
बव 21:31 तक
बालव 09:48, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:04 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
06:21
चंद्रास्त
17:57
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
16:14 – 17:42
यमगंड
11:50 – 13:18
गुलिक काल
14:46 – 16:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5706:56दिन
शुक्र06:5607:55दिन
बुध07:5508:53दिन
चंद्र08:5309:52दिन
शनि09:5210:51दिन
गुरु10:5111:50दिन
मंगल11:5012:48दिन
सूर्य12:4813:47दिन
शुक्र13:4714:46दिन
बुध14:4615:45दिन
चंद्र15:4516:43दिन
शनि16:4317:42दिन
गुरु17:4218:43रात
मंगल18:4319:45रात
सूर्य19:4520:46रात
शुक्र20:4621:47रात
बुध21:4722:49रात
चंद्र22:4923:50रात
शनि23:5000:51रात
गुरु00:5101:52रात
मंगल01:5202:54रात
सूर्य02:5403:55रात
शुक्र03:5504:56रात
बुध04:5605:57रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय रायपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।