11 मार्च 2025 को रामेश्वरम का चौघड़िया

मंगलवार, 11 मार्च 2025, रामेश्वरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 मार्च 2025 को रामेश्वरम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:14 तक), नक्षत्र आश्लेषा (02:15, 12 मार्च तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 15:23 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:23
रात 06:21 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 02:15 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:21 – 07:52टालें
उद्वेग07:52 – 09:22टालें
चर09:22 – 10:52सामान्य
लाभ10:52 – 12:22शुभ
अमृत12:22 – 13:53शुभ
काल13:53 – 15:23टालें
शुभ15:23 – 16:53शुभ
रोग16:53 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:23 – 19:53टालें
लाभ19:53 – 21:23शुभ
उद्वेग21:23 – 22:52टालें
शुभ22:52 – 00:22शुभ
अमृत00:22 – 01:52शुभ
चर01:52 – 03:21सामान्य
रोग03:21 – 04:51टालें
काल04:51 – 06:21टालें

11 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:14 तक
शुक्ल त्रयोदशी 09:12, 12 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 02:15, 12 मार्च तक
मघा 04:05, 13 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 13:17 तक
सुकर्मा 13:00, 12 मार्च तक
करण
बालव 08:14 तक
कौलव 20:39 तक
तैतिल 09:12, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 02:15, 12 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
16:13
चंद्रास्त
04:15
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:23 – 16:53
यमगंड
09:22 – 10:52
गुलिक काल
12:22 – 13:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2107:21दिन
सूर्य07:2108:22दिन
शुक्र08:2209:22दिन
बुध09:2210:22दिन
चंद्र10:2211:22दिन
शनि11:2212:22दिन
गुरु12:2213:22दिन
मंगल13:2214:23दिन
सूर्य14:2315:23दिन
शुक्र15:2316:23दिन
बुध16:2317:23दिन
चंद्र17:2318:23दिन
शनि18:2319:23रात
गुरु19:2320:23रात
मंगल20:2321:23रात
सूर्य21:2322:22रात
शुक्र22:2223:22रात
बुध23:2200:22रात
चंद्र00:2201:22रात
शनि01:2202:22रात
गुरु02:2203:21रात
मंगल03:2104:21रात
सूर्य04:2105:21रात
शुक्र05:2106:21रात

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय रामेश्वरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।