8 मार्च 2026 को रामेश्वरम का चौघड़िया

रविवार, 8 मार्च 2026, रामेश्वरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 मार्च 2026 को रामेश्वरम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (21:11 तक), नक्षत्र स्वाति (13:31 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 16:53 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:23
रात 06:22 तक
तिथि
पंचमी, 21:11 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 13:31 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:23 – 07:53टालें
चर07:53 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:53शुभ
अमृत10:53 – 12:23शुभ
काल12:23 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:23शुभ
रोग15:23 – 16:53टालें
उद्वेग16:53 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 19:53शुभ
अमृत19:53 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:53सामान्य
रोग22:53 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:22शुभ

8 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 21:11 तक
कृष्ण षष्ठी 23:27, 9 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 13:31 तक
विशाखा 16:11, 9 मार्च तक
योग
ध्रुव 07:04 तक
व्याघातअशुभ 07:35, 9 मार्च तक
करण
कौलव 08:11 तक
तैतिल 21:11 तक
गर 10:17, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
22:21
चंद्रास्त
09:28
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
16:53 – 18:23
यमगंड
12:23 – 13:53
गुलिक काल
15:23 – 16:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2307:23दिन
शुक्र07:2308:23दिन
बुध08:2309:23दिन
चंद्र09:2310:23दिन
शनि10:2311:23दिन
गुरु11:2312:23दिन
मंगल12:2313:23दिन
सूर्य13:2314:23दिन
शुक्र14:2315:23दिन
बुध15:2316:23दिन
चंद्र16:2317:23दिन
शनि17:2318:23दिन
गुरु18:2319:23रात
मंगल19:2320:23रात
सूर्य20:2321:23रात
शुक्र21:2322:23रात
बुध22:2323:23रात
चंद्र23:2300:23रात
शनि00:2301:23रात
गुरु01:2302:23रात
मंगल02:2303:23रात
सूर्य03:2304:23रात
शुक्र04:2305:23रात
बुध05:2306:22रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय रामेश्वरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।