8 जनवरी 2029 को रामेश्वरम का चौघड़िया

सोमवार, 8 जनवरी 2029, रामेश्वरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 जनवरी 2029 को रामेश्वरम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (04:00, 9 जन॰ तक), नक्षत्र चित्रा (17:43 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 07:58 से 09:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:07
रात 06:31 तक
तिथि
नवमी, 04:00 तक
दशमी
नक्षत्र
चित्रा, 17:43 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:31 – 07:58शुभ
काल07:58 – 09:25टालें
शुभ09:25 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:19टालें
उद्वेग12:19 – 13:46टालें
चर13:46 – 15:13सामान्य
लाभ15:13 – 16:40शुभ
अमृत16:40 – 18:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:07 – 19:40सामान्य
रोग19:40 – 21:13टालें
काल21:13 – 22:46टालें
लाभ22:46 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 04:58शुभ
चर04:58 – 06:31सामान्य

8 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 04:00, 9 जन॰ तक
कृष्ण दशमी 02:20, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 17:43 तक
स्वाति 16:37, 9 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 21:36 तक
धृति 18:57, 9 जन॰ तक
करण
तैतिल 16:56 तक
गर 04:00, 9 जन॰ तक
वणिज 15:08, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
00:19
चंद्रास्त
12:24
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
07:58 – 09:25
यमगंड
10:52 – 12:19
गुलिक काल
13:46 – 15:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3107:29दिन
शनि07:2908:27दिन
गुरु08:2709:25दिन
मंगल09:2510:23दिन
सूर्य10:2311:21दिन
शुक्र11:2112:19दिन
बुध12:1913:17दिन
चंद्र13:1714:15दिन
शनि14:1515:13दिन
गुरु15:1316:11दिन
मंगल16:1117:09दिन
सूर्य17:0918:07दिन
शुक्र18:0719:09रात
बुध19:0920:11रात
चंद्र20:1121:13रात
शनि21:1322:15रात
गुरु22:1523:17रात
मंगल23:1700:19रात
सूर्य00:1901:21रात
शुक्र01:2102:23रात
बुध02:2303:25रात
चंद्र03:2504:27रात
शनि04:2705:29रात
गुरु05:2906:31रात

अयनांश 24.2625° (लाहिड़ी)। समय रामेश्वरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।