17 मार्च 2025 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 17 मार्च 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 17 मार्च 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (19:33 तक), नक्षत्र चित्रा (14:47 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 07:26 से 08:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:58
रात 05:54 तक
तिथि
तृतीया, 19:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 14:47 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:55 – 07:26शुभ
काल07:26 – 08:56टालें
शुभ08:56 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 11:57टालें
उद्वेग11:57 – 13:27टालें
चर13:27 – 14:57सामान्य
लाभ14:57 – 16:28शुभ
अमृत16:28 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:58 – 19:28सामान्य
रोग19:28 – 20:57टालें
काल20:57 – 22:27टालें
लाभ22:27 – 23:56शुभ
उद्वेग23:56 – 01:26टालें
शुभ01:26 – 02:55शुभ
अमृत02:55 – 04:25शुभ
चर04:25 – 05:54सामान्य

17 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 19:33 तक
कृष्ण चतुर्थी 22:09, 18 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 14:47 तक
स्वाति 17:51, 18 मार्च तक
योग
ध्रुव 15:45 तक
व्याघातअशुभ 16:43, 18 मार्च तक
करण
वणिज 06:15 तक
विष्टि (भद्रा) 19:33 तक
बव 08:52, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
20:36
चंद्रास्त
07:23
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
07:26 – 08:56
यमगंड
10:26 – 11:57
गुलिक काल
13:27 – 14:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5506:56दिन
शनि06:5607:56दिन
गुरु07:5608:56दिन
मंगल08:5609:56दिन
सूर्य09:5610:57दिन
शुक्र10:5711:57दिन
बुध11:5712:57दिन
चंद्र12:5713:57दिन
शनि13:5714:57दिन
गुरु14:5715:58दिन
मंगल15:5816:58दिन
सूर्य16:5817:58दिन
शुक्र17:5818:58रात
बुध18:5819:58रात
चंद्र19:5820:57रात
शनि20:5721:57रात
गुरु21:5722:57रात
मंगल22:5723:56रात
सूर्य23:5600:56रात
शुक्र00:5601:56रात
बुध01:5602:55रात
चंद्र02:5503:55रात
शनि03:5504:55रात
गुरु04:5505:54रात

अयनांश 24.2092° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।