29 अगस्त 2025 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (20:22 तक), नक्षत्र स्वाति (11:38 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 10:14 से 11:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 18:09
रात 05:30 तक
तिथि
षष्ठी, 20:22 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 11:38 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:29 – 07:04सामान्य
लाभ07:04 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 10:14शुभ
काल10:14 – 11:49टालें
शुभ11:49 – 13:24शुभ
रोग13:24 – 14:59टालें
उद्वेग14:59 – 16:34टालें
चर16:34 – 18:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:09 – 19:34टालें
काल19:34 – 20:59टालें
लाभ20:59 – 22:24शुभ
उद्वेग22:24 – 23:49टालें
शुभ23:49 – 01:14शुभ
अमृत01:14 – 02:39शुभ
चर02:39 – 04:05सामान्य
रोग04:05 – 05:30टालें

29 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 20:22 तक
शुक्ल सप्तमी 22:47, 30 अग॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 11:38 तक
विशाखा 14:37, 30 अग॰ तक
योग
ब्रह्म 14:12 तक
इंद्र 15:09, 30 अग॰ तक
करण
कौलव 07:09 तक
तैतिल 20:22 तक
गर 09:35, 30 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
10:34
चंद्रास्त
21:37
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
10:14 – 11:49
यमगंड
14:59 – 16:34
गुलिक काल
07:04 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2906:33दिन
बुध06:3307:36दिन
चंद्र07:3608:39दिन
शनि08:3909:42दिन
गुरु09:4210:46दिन
मंगल10:4611:49दिन
सूर्य11:4912:52दिन
शुक्र12:5213:56दिन
बुध13:5614:59दिन
चंद्र14:5916:02दिन
शनि16:0217:05दिन
गुरु17:0518:09दिन
मंगल18:0919:05रात
सूर्य19:0520:02रात
शुक्र20:0220:59रात
बुध20:5921:56रात
चंद्र21:5622:52रात
शनि22:5223:49रात
गुरु23:4900:46रात
मंगल00:4601:43रात
सूर्य01:4302:39रात
शुक्र02:3903:36रात
बुध03:3604:33रात
चंद्र04:3305:30रात

अयनांश 24.2155° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।