25 अक्टूबर 2025 को रांची का चौघड़िया

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (03:48, 26 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:51 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 08:41 से 10:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 17:14
रात 05:50 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:48 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:50 – 07:15टालें
शुभ07:15 – 08:41शुभ
रोग08:41 – 10:07टालें
उद्वेग10:07 – 11:32टालें
चर11:32 – 12:58सामान्य
लाभ12:58 – 14:23शुभ
अमृत14:23 – 15:49शुभ
काल15:49 – 17:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:14 – 18:49शुभ
उद्वेग18:49 – 20:23टालें
शुभ20:23 – 21:58शुभ
अमृत21:58 – 23:32शुभ
चर23:32 – 01:07सामान्य
रोग01:07 – 02:41टालें
काल02:41 – 04:16टालें
लाभ04:16 – 05:50शुभ

25 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 03:48, 26 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 06:05, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 10:46, 26 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 05:54 तक
शोभन 06:45, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:35 तक
विष्टि (भद्रा) 03:48, 26 अक्टू॰ तक
बव 16:59, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
09:01
चंद्रास्त
19:38
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:41 – 10:07
यमगंड
12:58 – 14:23
गुलिक काल
05:50 – 07:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5006:47दिन
गुरु06:4707:44दिन
मंगल07:4408:41दिन
सूर्य08:4109:38दिन
शुक्र09:3810:35दिन
बुध10:3511:32दिन
चंद्र11:3212:29दिन
शनि12:2913:26दिन
गुरु13:2614:23दिन
मंगल14:2315:20दिन
सूर्य15:2016:17दिन
शुक्र16:1717:14दिन
बुध17:1418:17रात
चंद्र18:1719:20रात
शनि19:2020:23रात
गुरु20:2321:26रात
मंगल21:2622:29रात
सूर्य22:2923:32रात
शुक्र23:3200:35रात
बुध00:3501:38रात
चंद्र01:3802:41रात
शनि02:4103:44रात
गुरु03:4404:47रात
मंगल04:4705:50रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।