6 अक्टूबर 2026 को रांची का चौघड़िया

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:34, 7 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (22:17 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 14:34 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:31
रात 05:42 तक
तिथि
एकादशी, 00:34 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 22:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:42 – 07:10टालें
उद्वेग07:10 – 08:39टालें
चर08:39 – 10:08सामान्य
लाभ10:08 – 11:36शुभ
अमृत11:36 – 13:05शुभ
काल13:05 – 14:34टालें
शुभ14:34 – 16:02शुभ
रोग16:02 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:31 – 19:02टालें
लाभ19:02 – 20:34शुभ
उद्वेग20:34 – 22:05टालें
शुभ22:05 – 23:36शुभ
अमृत23:36 – 01:08शुभ
चर01:08 – 02:39सामान्य
रोग02:39 – 04:11टालें
काल04:11 – 05:42टालें

6 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:34, 7 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:17, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:40, 7 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 07:20 तक
साध्य 05:00, 7 अक्टू॰ तक
शुभ 02:52, 8 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:19 तक
बालव 00:34, 7 अक्टू॰ तक
कौलव 11:53, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 22:17 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
01:18
चंद्रास्त
14:45
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:34 – 16:02
यमगंड
08:39 – 10:08
गुलिक काल
11:36 – 13:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4206:41दिन
सूर्य06:4107:40दिन
शुक्र07:4008:39दिन
बुध08:3909:38दिन
चंद्र09:3810:37दिन
शनि10:3711:36दिन
गुरु11:3612:35दिन
मंगल12:3513:35दिन
सूर्य13:3514:34दिन
शुक्र14:3415:33दिन
बुध15:3316:32दिन
चंद्र16:3217:31दिन
शनि17:3118:32रात
गुरु18:3219:33रात
मंगल19:3320:34रात
सूर्य20:3421:35रात
शुक्र21:3522:36रात
बुध22:3623:36रात
चंद्र23:3600:37रात
शनि00:3701:38रात
गुरु01:3802:39रात
मंगल02:3903:40रात
सूर्य03:4004:41रात
शुक्र04:4105:42रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।