29 अक्टूबर 2026 को रांची का चौघड़िया

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:10 तक), नक्षत्र रोहिणी (11:11 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 12:57 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:12
रात 05:52 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:10 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 11:11 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:52 – 07:17शुभ
रोग07:17 – 08:42टालें
उद्वेग08:42 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 12:57शुभ
अमृत12:57 – 14:22शुभ
काल14:22 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:12 – 18:47शुभ
चर18:47 – 20:22सामान्य
रोग20:22 – 21:57टालें
काल21:57 – 23:32टालें
लाभ23:32 – 01:07शुभ
उद्वेग01:07 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:52शुभ

29 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:10 तक
कृष्ण पंचमी 19:25, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:11 तक
मृगशिरा 09:04, 30 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 00:06, 30 अक्टू॰ तक
शिव 20:41, 30 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:37 तक
बालव 22:10 तक
कौलव 08:46, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 22:06 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
19:53
चंद्रास्त
09:08
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
12:57 – 14:22
यमगंड
05:52 – 07:17
गुलिक काल
08:42 – 10:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5206:49दिन
मंगल06:4907:45दिन
सूर्य07:4508:42दिन
शुक्र08:4209:39दिन
बुध09:3910:35दिन
चंद्र10:3511:32दिन
शनि11:3212:29दिन
गुरु12:2913:25दिन
मंगल13:2514:22दिन
सूर्य14:2215:19दिन
शुक्र15:1916:15दिन
बुध16:1517:12दिन
चंद्र17:1218:15रात
शनि18:1519:19रात
गुरु19:1920:22रात
मंगल20:2221:25रात
सूर्य21:2522:29रात
शुक्र22:2923:32रात
बुध23:3200:35रात
चंद्र00:3501:39रात
शनि01:3902:42रात
गुरु02:4203:46रात
मंगल03:4604:49रात
सूर्य04:4905:52रात

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।