27 दिसंबर 2026 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 27 दिसंबर 2026, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 दिसंबर 2026 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:13 तक), नक्षत्र आश्लेषा (18:04 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 15:50 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:10
रात 06:28 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:13 तक
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 18:04 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:28 – 07:48टालें
चर07:48 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 11:49शुभ
काल11:49 – 13:10टालें
शुभ13:10 – 14:30शुभ
रोग14:30 – 15:50टालें
उद्वेग15:50 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:10 – 18:50शुभ
अमृत18:50 – 20:30शुभ
चर20:30 – 22:10सामान्य
रोग22:10 – 23:49टालें
काल23:49 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 03:09शुभ
उद्वेग03:09 – 04:49टालें
शुभ04:49 – 06:28शुभ

27 दिसंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:13 तक
कृष्ण पंचमी 14:58, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 16:33, 28 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:53 तक
प्रीति 17:55, 28 दिस॰ तक
करण
बव 06:35 तक
बालव 17:13 तक
कौलव 04:01, 28 दिस॰ तक
तैतिल 14:58, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 18:04 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
20:55
चंद्रास्त
09:18
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
15:50 – 17:10
यमगंड
11:49 – 13:10
गुलिक काल
14:30 – 15:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2807:21दिन
शुक्र07:2108:15दिन
बुध08:1509:09दिन
चंद्र09:0910:02दिन
शनि10:0210:56दिन
गुरु10:5611:49दिन
मंगल11:4912:43दिन
सूर्य12:4313:36दिन
शुक्र13:3614:30दिन
बुध14:3015:23दिन
चंद्र15:2316:17दिन
शनि16:1717:10दिन
गुरु17:1018:17रात
मंगल18:1719:23रात
सूर्य19:2320:30रात
शुक्र20:3021:36रात
बुध21:3622:43रात
चंद्र22:4323:49रात
शनि23:4900:56रात
गुरु00:5602:02रात
मंगल02:0203:09रात
सूर्य03:0904:15रात
शुक्र04:1505:22रात
बुध05:2206:28रात

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।