4 जनवरी 2027 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 4 जनवरी 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 जनवरी 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (18:16 तक), नक्षत्र अनुराधा (00:15, 5 जन॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 07:51 से 09:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:15
रात 06:31 तक
तिथि
द्वादशी, 18:16 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अनुराधा, 00:15 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:31 – 07:51शुभ
काल07:51 – 09:12टालें
शुभ09:12 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 11:53टालें
उद्वेग11:53 – 13:14टालें
चर13:14 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 15:55शुभ
अमृत15:55 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:15 – 18:55सामान्य
रोग18:55 – 20:34टालें
काल20:34 – 22:14टालें
लाभ22:14 – 23:53शुभ
उद्वेग23:53 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 03:12शुभ
अमृत03:12 – 04:51शुभ
चर04:51 – 06:31सामान्य

4 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 18:16 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:40, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:15, 5 जन॰ तक
ज्येष्ठा 03:07, 6 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 12:03 तक
गंडअशुभ 12:43, 5 जन॰ तक
करण
तैतिल 18:16 तक
गर 07:26, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
03:31
चंद्रास्त
14:16
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
07:51 – 09:12
यमगंड
10:32 – 11:53
गुलिक काल
13:14 – 14:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3107:24दिन
शनि07:2408:18दिन
गुरु08:1809:12दिन
मंगल09:1210:06दिन
सूर्य10:0610:59दिन
शुक्र10:5911:53दिन
बुध11:5312:47दिन
चंद्र12:4713:41दिन
शनि13:4114:34दिन
गुरु14:3415:28दिन
मंगल15:2816:22दिन
सूर्य16:2217:15दिन
शुक्र17:1518:22रात
बुध18:2219:28रात
चंद्र19:2820:34रात
शनि20:3421:41रात
गुरु21:4122:47रात
मंगल22:4723:53रात
सूर्य23:5300:59रात
शुक्र00:5902:06रात
बुध02:0603:12रात
चंद्र03:1204:18रात
शनि04:1805:25रात
गुरु05:2506:31रात

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।