18 मार्च 2027 को रांची का चौघड़िया

गुरुवार, 18 मार्च 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 18 मार्च 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (01:51, 19 मार्च तक), नक्षत्र पुष्य (03:21, 19 मार्च तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 13:27 से 14:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:58
रात 05:54 तक
तिथि
एकादशी, 01:51 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 03:21 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:55 – 07:25शुभ
रोग07:25 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:26टालें
चर10:26 – 11:57सामान्य
लाभ11:57 – 13:27शुभ
अमृत13:27 – 14:58शुभ
काल14:58 – 16:28टालें
शुभ16:28 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:58 – 19:28शुभ
चर19:28 – 20:57सामान्य
रोग20:57 – 22:27टालें
काल22:27 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:26शुभ
उद्वेग01:26 – 02:55टालें
शुभ02:55 – 04:24शुभ
अमृत04:24 – 05:54शुभ

18 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 01:51, 19 मार्च तक
शुक्ल द्वादशी 23:17, 19 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 03:21, 19 मार्च तक
आश्लेषा 01:31, 20 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 02:34, 19 मार्च तक
सुकर्मा 23:19, 19 मार्च तक
करण
वणिज 15:07 तक
विष्टि (भद्रा) 01:51, 19 मार्च तक
बव 12:34, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
13:50
चंद्रास्त
02:43
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
13:27 – 14:58
यमगंड
05:55 – 07:25
गुलिक काल
08:56 – 10:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5506:55दिन
मंगल06:5507:55दिन
सूर्य07:5508:56दिन
शुक्र08:5609:56दिन
बुध09:5610:56दिन
चंद्र10:5611:57दिन
शनि11:5712:57दिन
गुरु12:5713:57दिन
मंगल13:5714:58दिन
सूर्य14:5815:58दिन
शुक्र15:5816:58दिन
बुध16:5817:58दिन
चंद्र17:5818:58रात
शनि18:5819:58रात
गुरु19:5820:57रात
मंगल20:5721:57रात
सूर्य21:5722:57रात
शुक्र22:5723:56रात
बुध23:5600:56रात
चंद्र00:5601:55रात
शनि01:5502:55रात
गुरु02:5503:55रात
मंगल03:5504:54रात
सूर्य04:5405:54रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।