1 नवंबर 2027 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 1 नवंबर 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 नवंबर 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (17:15 तक), नक्षत्र अनुराधा (09:57 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 07:18 से 08:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:10
रात 05:54 तक
तिथि
तृतीया, 17:15 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 09:57 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:53 – 07:18शुभ
काल07:18 – 08:43टालें
शुभ08:43 – 10:07शुभ
रोग10:07 – 11:32टालें
उद्वेग11:32 – 12:56टालें
चर12:56 – 14:21सामान्य
लाभ14:21 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:10 – 18:46सामान्य
रोग18:46 – 20:21टालें
काल20:21 – 21:57टालें
लाभ21:57 – 23:32शुभ
उद्वेग23:32 – 01:07टालें
शुभ01:07 – 02:43शुभ
अमृत02:43 – 04:18शुभ
चर04:18 – 05:54सामान्य

1 नवंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 17:15 तक
शुक्ल चतुर्थी 18:02, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 11:06, 2 नव॰ तक
योग
शोभन 19:54 तक
अतिगंडअशुभ 19:26, 2 नव॰ तक
करण
गर 17:15 तक
वणिज 05:33, 2 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 18:02, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
08:28
चंद्रास्त
19:12
दिनमान
11h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
07:18 – 08:43
यमगंड
10:07 – 11:32
गुलिक काल
12:56 – 14:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5306:50दिन
शनि06:5007:46दिन
गुरु07:4608:43दिन
मंगल08:4309:39दिन
सूर्य09:3910:35दिन
शुक्र10:3511:32दिन
बुध11:3212:28दिन
चंद्र12:2813:25दिन
शनि13:2514:21दिन
गुरु14:2115:17दिन
मंगल15:1716:14दिन
सूर्य16:1417:10दिन
शुक्र17:1018:14रात
बुध18:1419:17रात
चंद्र19:1720:21रात
शनि20:2121:25रात
गुरु21:2522:28रात
मंगल22:2823:32रात
सूर्य23:3200:36रात
शुक्र00:3601:39रात
बुध01:3902:43रात
चंद्र02:4303:47रात
शनि03:4704:50रात
गुरु04:5005:54रात

अयनांश 24.2459° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।