18 मार्च 2029 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 18 मार्च 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 मार्च 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (17:14 तक), नक्षत्र अश्विनी (00:11, 19 मार्च तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 16:28 से 17:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:59
रात 05:53 तक
तिथि
तृतीया, 17:14 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अश्विनी, 00:11 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:54 – 07:25टालें
चर07:25 – 08:55सामान्य
लाभ08:55 – 10:26शुभ
अमृत10:26 – 11:56शुभ
काल11:56 – 13:27टालें
शुभ13:27 – 14:58शुभ
रोग14:58 – 16:28टालें
उद्वेग16:28 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:59 – 19:28शुभ
अमृत19:28 – 20:57शुभ
चर20:57 – 22:27सामान्य
रोग22:27 – 23:56टालें
काल23:56 – 01:25टालें
लाभ01:25 – 02:55शुभ
उद्वेग02:55 – 04:24टालें
शुभ04:24 – 05:53शुभ

18 मार्च 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 17:14 तक
शुक्ल चतुर्थी 19:38, 19 मार्च तक
नक्षत्र
अश्विनी 00:11, 19 मार्च तक
भरणी 03:01, 20 मार्च तक
योग
इंद्र 22:36 तक
वैधृतिअशुभ 23:23, 19 मार्च तक
करण
गर 17:14 तक
वणिज 06:27, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
07:19
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
16:28 – 17:59
यमगंड
11:56 – 13:27
गुलिक काल
14:58 – 16:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5406:55दिन
शुक्र06:5507:55दिन
बुध07:5508:55दिन
चंद्र08:5509:56दिन
शनि09:5610:56दिन
गुरु10:5611:56दिन
मंगल11:5612:57दिन
सूर्य12:5713:57दिन
शुक्र13:5714:58दिन
बुध14:5815:58दिन
चंद्र15:5816:58दिन
शनि16:5817:59दिन
गुरु17:5918:58रात
मंगल18:5819:58रात
सूर्य19:5820:57रात
शुक्र20:5721:57रात
बुध21:5722:56रात
चंद्र22:5623:56रात
शनि23:5600:56रात
गुरु00:5601:55रात
मंगल01:5502:55रात
सूर्य02:5503:54रात
शुक्र03:5404:54रात
बुध04:5405:53रात

अयनांश 24.2651° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।