19 मार्च 2029 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 19 मार्च 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 मार्च 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (19:38 तक), नक्षत्र भरणी (03:01, 20 मार्च तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 07:24 से 08:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:59
रात 05:52 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:38 तक
पंचमी
नक्षत्र
भरणी, 03:01 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:53 – 07:24शुभ
काल07:24 – 08:55टालें
शुभ08:55 – 10:25शुभ
रोग10:25 – 11:56टालें
उद्वेग11:56 – 13:27टालें
चर13:27 – 14:58सामान्य
लाभ14:58 – 16:28शुभ
अमृत16:28 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:59 – 19:28सामान्य
रोग19:28 – 20:57टालें
काल20:57 – 22:27टालें
लाभ22:27 – 23:56शुभ
उद्वेग23:56 – 01:25टालें
शुभ01:25 – 02:54शुभ
अमृत02:54 – 04:23शुभ
चर04:23 – 05:52सामान्य

19 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 19:38 तक
शुक्ल पंचमी 21:48, 20 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 03:01, 20 मार्च तक
कृत्तिका 05:35, 21 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 23:23 तक
विष्कंभअशुभ 23:59, 20 मार्च तक
करण
वणिज 06:27 तक
विष्टि (भद्रा) 19:38 तक
बव 08:45, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
07:57
चंद्रास्त
21:34
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
07:24 – 08:55
यमगंड
10:25 – 11:56
गुलिक काल
13:27 – 14:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5306:54दिन
शनि06:5407:54दिन
गुरु07:5408:55दिन
मंगल08:5509:55दिन
सूर्य09:5510:56दिन
शुक्र10:5611:56दिन
बुध11:5612:57दिन
चंद्र12:5713:57दिन
शनि13:5714:58दिन
गुरु14:5815:58दिन
मंगल15:5816:59दिन
सूर्य16:5917:59दिन
शुक्र17:5918:58रात
बुध18:5819:58रात
चंद्र19:5820:57रात
शनि20:5721:57रात
गुरु21:5722:56रात
मंगल22:5623:56रात
सूर्य23:5600:55रात
शुक्र00:5501:55रात
बुध01:5502:54रात
चंद्र02:5403:53रात
शनि03:5304:53रात
गुरु04:5305:52रात

अयनांश 24.2651° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।