16 अप्रैल 2029 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 16 अप्रैल 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 अप्रैल 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:47 तक), नक्षत्र भरणी (08:53 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 07:02 से 08:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:10
रात 05:26 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
भरणी, 08:53 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:27 – 07:02शुभ
काल07:02 – 08:37टालें
शुभ08:37 – 10:13शुभ
रोग10:13 – 11:48टालें
उद्वेग11:48 – 13:24टालें
चर13:24 – 14:59सामान्य
लाभ14:59 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:10 – 19:34सामान्य
रोग19:34 – 20:59टालें
काल20:59 – 22:23टालें
लाभ22:23 – 23:48शुभ
उद्वेग23:48 – 01:12टालें
शुभ01:12 – 02:37शुभ
अमृत02:37 – 04:01शुभ
चर04:01 – 05:26सामान्य

16 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:47 तक
शुक्ल तृतीया 09:49, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 08:53 तक
कृत्तिका 11:26, 17 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 05:29, 17 अप्रैल तक
करण
कौलव 07:47 तक
तैतिल 20:50 तक
गर 09:49, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मेष 15:33 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
06:37
चंद्रास्त
20:23
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
07:02 – 08:37
यमगंड
10:13 – 11:48
गुलिक काल
13:24 – 14:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2706:30दिन
शनि06:3007:34दिन
गुरु07:3408:37दिन
मंगल08:3709:41दिन
सूर्य09:4110:45दिन
शुक्र10:4511:48दिन
बुध11:4812:52दिन
चंद्र12:5213:55दिन
शनि13:5514:59दिन
गुरु14:5916:03दिन
मंगल16:0317:06दिन
सूर्य17:0618:10दिन
शुक्र18:1019:06रात
बुध19:0620:02रात
चंद्र20:0220:59रात
शनि20:5921:55रात
गुरु21:5522:51रात
मंगल22:5123:48रात
सूर्य23:4800:44रात
शुक्र00:4401:40रात
बुध01:4002:37रात
चंद्र02:3703:33रात
शनि03:3304:29रात
गुरु04:2905:26रात

अयनांश 24.2662° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।