17 अप्रैल 2029 को रांची का चौघड़िया

मंगलवार, 17 अप्रैल 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 17 अप्रैल 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:49 तक), नक्षत्र कृत्तिका (11:26 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:10
रात 05:25 तक
तिथि
तृतीया, 09:49 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिका, 11:26 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:26 – 07:01टालें
उद्वेग07:01 – 08:37टालें
चर08:37 – 10:12सामान्य
लाभ10:12 – 11:48शुभ
अमृत11:48 – 13:24शुभ
काल13:24 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:35शुभ
रोग16:35 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:10 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:23टालें
शुभ22:23 – 23:48शुभ
अमृत23:48 – 01:12शुभ
चर01:12 – 02:36सामान्य
रोग02:36 – 04:01टालें
काल04:01 – 05:25टालें

17 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:49 तक
शुक्ल चतुर्थी 11:31, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:41, 18 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 05:29 तक
सौभाग्य 05:51, 18 अप्रैल तक
करण
गर 09:49 तक
वणिज 22:43 तक
विष्टि (भद्रा) 11:31, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
07:22
चंद्रास्त
21:17
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:35
यमगंड
08:37 – 10:12
गुलिक काल
11:48 – 13:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2606:30दिन
सूर्य06:3007:33दिन
शुक्र07:3308:37दिन
बुध08:3709:41दिन
चंद्र09:4110:44दिन
शनि10:4411:48दिन
गुरु11:4812:52दिन
मंगल12:5213:55दिन
सूर्य13:5514:59दिन
शुक्र14:5916:03दिन
बुध16:0317:06दिन
चंद्र17:0618:10दिन
शनि18:1019:06रात
गुरु19:0620:03रात
मंगल20:0320:59रात
सूर्य20:5921:55रात
शुक्र21:5522:51रात
बुध22:5123:48रात
चंद्र23:4800:44रात
शनि00:4401:40रात
गुरु01:4002:36रात
मंगल02:3603:32रात
सूर्य03:3204:29रात
शुक्र04:2905:25रात

अयनांश 24.2662° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।