11 जनवरी 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 11 जनवरी 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 जनवरी 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (12:29 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है। राहुकाल 09:49 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:35
रात 07:13 तक
तिथि
त्रयोदशी, 06:34 तक
नक्षत्र
रोहिणी, 12:29 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:14 – 08:31टालें
शुभ08:31 – 09:49शुभ
रोग09:49 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:42सामान्य
लाभ13:42 – 15:00शुभ
अमृत15:00 – 16:17शुभ
काल16:17 – 17:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:35 – 19:17शुभ
उद्वेग19:17 – 21:00टालें
शुभ21:00 – 22:42शुभ
अमृत22:42 – 00:24शुभ
चर00:24 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:49टालें
काल03:49 – 05:31टालें
लाभ05:31 – 07:13शुभ

11 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:22 तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:34, 12 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 05:03, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:29 तक
मृगशिरा 11:24, 12 जन॰ तक
योग
शुक्ल 11:48 तक
ब्रह्म 09:09, 12 जन॰ तक
करण
बालव 08:22 तक
कौलव 19:26 तक
तैतिल 06:34, 12 जन॰ तक
गर 17:46, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:55 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:35
चंद्रोदय
14:51
चंद्रास्त
04:45
दिनमान
10h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
09:49 – 11:07
यमगंड
13:42 – 15:00
गुलिक काल
07:14 – 08:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1408:05दिन
गुरु08:0508:57दिन
मंगल08:5709:49दिन
सूर्य09:4910:41दिन
शुक्र10:4111:33दिन
बुध11:3312:24दिन
चंद्र12:2413:16दिन
शनि13:1614:08दिन
गुरु14:0815:00दिन
मंगल15:0015:52दिन
सूर्य15:5216:43दिन
शुक्र16:4317:35दिन
बुध17:3518:43रात
चंद्र18:4319:52रात
शनि19:5221:00रात
गुरु21:0022:08रात
मंगल22:0823:16रात
सूर्य23:1600:24रात
शुक्र00:2401:33रात
बुध01:3302:41रात
चंद्र02:4103:49रात
शनि03:4904:57रात
गुरु04:5706:05रात
मंगल06:0507:13रात

अयनांश 24.2067° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।