11 फ़रवरी 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 11 फ़रवरी 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 फ़रवरी 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (18:56 तक), नक्षत्र पुष्य (18:34 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 15:16 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 18:02
रात 06:59 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:56 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पुष्य, 18:34 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:00 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:45टालें
चर09:45 – 11:08सामान्य
लाभ11:08 – 12:31शुभ
अमृत12:31 – 13:53शुभ
काल13:53 – 15:16टालें
शुभ15:16 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:02 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:16शुभ
उद्वेग21:16 – 22:53टालें
शुभ22:53 – 00:30शुभ
अमृत00:30 – 02:07शुभ
चर02:07 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:22टालें
काल05:22 – 06:59टालें

11 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 18:56 तक
पूर्णिमा 19:23, 12 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:34 तक
आश्लेषा 19:35, 12 फ़र॰ तक
योग
आयुष्मान 09:05 तक
सौभाग्य 08:06, 12 फ़र॰ तक
करण
वणिज 18:56 तक
विष्टि (भद्रा) 07:05, 12 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
16:51
चंद्रास्त
06:19
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:16 – 16:39
यमगंड
09:45 – 11:08
गुलिक काल
12:31 – 13:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0007:55दिन
सूर्य07:5508:50दिन
शुक्र08:5009:45दिन
बुध09:4510:40दिन
चंद्र10:4011:36दिन
शनि11:3612:31दिन
गुरु12:3113:26दिन
मंगल13:2614:21दिन
सूर्य14:2115:16दिन
शुक्र15:1616:11दिन
बुध16:1117:07दिन
चंद्र17:0718:02दिन
शनि18:0219:06रात
गुरु19:0620:11रात
मंगल20:1121:16रात
सूर्य21:1622:21रात
शुक्र22:2123:26रात
बुध23:2600:30रात
चंद्र00:3001:35रात
शनि01:3502:40रात
गुरु02:4003:45रात
मंगल03:4504:49रात
सूर्य04:4905:54रात
शुक्र05:5406:59रात

अयनांश 24.2079° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।