21 फ़रवरी 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (11:58 तक), नक्षत्र अनुराधा (15:54 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:09
रात 06:50 तक
तिथि
अष्टमी, 11:58 तक
नवमी
नक्षत्र
अनुराधा, 15:54 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:51 – 08:16सामान्य
लाभ08:16 – 09:40शुभ
अमृत09:40 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:30टालें
शुभ12:30 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:20टालें
उद्वेग15:20 – 16:45टालें
चर16:45 – 18:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:09 – 19:44टालें
काल19:44 – 21:20टालें
लाभ21:20 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:30टालें
शुभ00:30 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:40शुभ
चर03:40 – 05:15सामान्य
रोग05:15 – 06:50टालें

21 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 11:58 तक
कृष्ण नवमी 13:19, 22 फ़र॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 17:40, 22 फ़र॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 11:59 तक
हर्षण 11:55, 22 फ़र॰ तक
करण
कौलव 11:58 तक
तैतिल 00:44, 22 फ़र॰ तक
गर 13:19, 22 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
01:19
चंद्रास्त
11:27
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:30
यमगंड
15:20 – 16:45
गुलिक काल
08:16 – 09:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5107:47दिन
बुध07:4708:44दिन
चंद्र08:4409:40दिन
शनि09:4010:37दिन
गुरु10:3711:34दिन
मंगल11:3412:30दिन
सूर्य12:3013:27दिन
शुक्र13:2714:23दिन
बुध14:2315:20दिन
चंद्र15:2016:16दिन
शनि16:1617:13दिन
गुरु17:1318:09दिन
मंगल18:0919:13रात
सूर्य19:1320:16रात
शुक्र20:1621:20रात
बुध21:2022:23रात
चंद्र22:2323:26रात
शनि23:2600:30रात
गुरु00:3001:33रात
मंगल01:3302:36रात
सूर्य02:3603:40रात
शुक्र03:4004:43रात
बुध04:4305:46रात
चंद्र05:4606:50रात

अयनांश 24.2083° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।