27 फ़रवरी 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (08:55 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (15:43 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:14
रात 06:43 तक
तिथि
अमावस्या, 06:14 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा, 15:43 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:45 – 08:11शुभ
रोग08:11 – 09:37टालें
उद्वेग09:37 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:29सामान्य
लाभ12:29 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:22शुभ
काल15:22 – 16:48टालें
शुभ16:48 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:14 – 19:48शुभ
चर19:48 – 21:21सामान्य
रोग21:21 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:29टालें
लाभ00:29 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:36टालें
शुभ03:36 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:43शुभ

27 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 08:55 तक
अमावस्या 06:14, 28 फ़र॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 03:16, 1 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 13:40, 28 फ़र॰ तक
योग
शिव 23:40 तक
सिद्ध 20:07, 28 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 08:55 तक
चतुष्पद 19:37 तक
नाग 06:14, 28 फ़र॰ तक
किंस्तुघ्न 16:47, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
06:20
चंद्रास्त
17:34
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:22
यमगंड
06:45 – 08:11
गुलिक काल
09:37 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4507:42दिन
मंगल07:4208:39दिन
सूर्य08:3909:37दिन
शुक्र09:3710:34दिन
बुध10:3411:32दिन
चंद्र11:3212:29दिन
शनि12:2913:27दिन
गुरु13:2714:24दिन
मंगल14:2415:22दिन
सूर्य15:2216:19दिन
शुक्र16:1917:16दिन
बुध17:1618:14दिन
चंद्र18:1419:16रात
शनि19:1620:19रात
गुरु20:1921:21रात
मंगल21:2122:24रात
सूर्य22:2423:26रात
शुक्र23:2600:29रात
बुध00:2901:31रात
चंद्र01:3102:34रात
शनि02:3403:36रात
गुरु03:3604:39रात
मंगल04:3905:41रात
सूर्य05:4106:43रात

अयनांश 24.2085° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।