16 मार्च 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 16 मार्च 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 मार्च 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (16:58 तक), नक्षत्र हस्त (11:45 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 16:55 से 18:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:25
रात 06:24 तक
तिथि
द्वितीया, 16:58 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 11:45 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:25 – 07:55टालें
चर07:55 – 09:25सामान्य
लाभ09:25 – 10:55शुभ
अमृत10:55 – 12:25शुभ
काल12:25 – 13:55टालें
शुभ13:55 – 15:25शुभ
रोग15:25 – 16:55टालें
उद्वेग16:55 – 18:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:25 – 19:55शुभ
अमृत19:55 – 21:25शुभ
चर21:25 – 22:55सामान्य
रोग22:55 – 00:25टालें
काल00:25 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:24शुभ
उद्वेग03:24 – 04:54टालें
शुभ04:54 – 06:24शुभ

16 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 16:58 तक
कृष्ण तृतीया 19:33, 17 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 11:45 तक
चित्रा 14:47, 17 मार्च तक
योग
वृद्धि 14:48 तक
ध्रुव 15:45, 17 मार्च तक
करण
गर 16:58 तक
वणिज 06:15, 17 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 19:33, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 01:15, 17 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
20:21
चंद्रास्त
07:17
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
16:55 – 18:25
यमगंड
12:25 – 13:55
गुलिक काल
15:25 – 16:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2507:25दिन
शुक्र07:2508:25दिन
बुध08:2509:25दिन
चंद्र09:2510:25दिन
शनि10:2511:25दिन
गुरु11:2512:25दिन
मंगल12:2513:25दिन
सूर्य13:2514:25दिन
शुक्र14:2515:25दिन
बुध15:2516:25दिन
चंद्र16:2517:25दिन
शनि17:2518:25दिन
गुरु18:2519:25रात
मंगल19:2520:25रात
सूर्य20:2521:25रात
शुक्र21:2522:25रात
बुध22:2523:25रात
चंद्र23:2500:25रात
शनि00:2501:24रात
गुरु01:2402:24रात
मंगल02:2403:24रात
सूर्य03:2404:24रात
शुक्र04:2405:24रात
बुध05:2406:24रात

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।