14 अप्रैल 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 14 अप्रैल 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 अप्रैल 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (08:25 तक), नक्षत्र स्वाति (00:13, 15 अप्रैल तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 07:27 से 09:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:43
रात 05:50 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
स्वाति, 00:13 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:51 – 07:27शुभ
काल07:27 – 09:04टालें
शुभ09:04 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 17:06शुभ
अमृत17:06 – 18:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:43 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:30टालें
काल21:30 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:16शुभ
उद्वेग00:16 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:03शुभ
अमृत03:03 – 04:26शुभ
चर04:26 – 05:50सामान्य

14 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 08:25 तक
कृष्ण द्वितीया 10:55, 15 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 00:13, 15 अप्रैल तक
विशाखा 03:10, 16 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 22:38 तक
सिद्धि 23:32, 15 अप्रैल तक
करण
कौलव 08:25 तक
तैतिल 21:41 तक
गर 10:55, 15 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
20:05
चंद्रास्त
06:15
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:27 – 09:04
यमगंड
10:40 – 12:17
गुलिक काल
13:53 – 15:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5106:55दिन
शनि06:5507:59दिन
गुरु07:5909:04दिन
मंगल09:0410:08दिन
सूर्य10:0811:12दिन
शुक्र11:1212:17दिन
बुध12:1713:21दिन
चंद्र13:2114:26दिन
शनि14:2615:30दिन
गुरु15:3016:34दिन
मंगल16:3417:39दिन
सूर्य17:3918:43दिन
शुक्र18:4319:39रात
बुध19:3920:34रात
चंद्र20:3421:30रात
शनि21:3022:25रात
गुरु22:2523:21रात
मंगल23:2100:16रात
सूर्य00:1601:12रात
शुक्र01:1202:07रात
बुध02:0703:03रात
चंद्र03:0303:58रात
शनि03:5804:54रात
गुरु04:5405:50रात

अयनांश 24.2102° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।