29 अगस्त 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (20:22 तक), नक्षत्र स्वाति (11:38 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:43
रात 05:52 तक
तिथि
षष्ठी, 20:22 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 11:38 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:52 – 07:28सामान्य
लाभ07:28 – 09:04शुभ
अमृत09:04 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:53शुभ
रोग13:53 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 17:06टालें
चर17:06 – 18:43सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:43 – 20:06टालें
काल20:06 – 21:30टालें
लाभ21:30 – 22:54शुभ
उद्वेग22:54 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:05शुभ
चर03:05 – 04:28सामान्य
रोग04:28 – 05:52टालें

29 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 20:22 तक
शुक्ल सप्तमी 22:47, 30 अग॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 11:38 तक
विशाखा 14:37, 30 अग॰ तक
योग
ब्रह्म 14:12 तक
इंद्र 15:09, 30 अग॰ तक
करण
कौलव 07:09 तक
तैतिल 20:22 तक
गर 09:35, 30 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
11:16
चंद्रास्त
21:51
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:17
यमगंड
15:30 – 17:06
गुलिक काल
07:28 – 09:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5206:56दिन
बुध06:5608:00दिन
चंद्र08:0009:04दिन
शनि09:0410:09दिन
गुरु10:0911:13दिन
मंगल11:1312:17दिन
सूर्य12:1713:21दिन
शुक्र13:2114:26दिन
बुध14:2615:30दिन
चंद्र15:3016:34दिन
शनि16:3417:38दिन
गुरु17:3818:43दिन
मंगल18:4319:38रात
सूर्य19:3820:34रात
शुक्र20:3421:30रात
बुध21:3022:26रात
चंद्र22:2623:22रात
शनि23:2200:17रात
गुरु00:1701:13रात
मंगल01:1302:09रात
सूर्य02:0903:05रात
शुक्र03:0504:01रात
बुध04:0104:56रात
चंद्र04:5605:52रात

अयनांश 24.2155° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।