25 सितंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 25 सितंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 सितंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (07:06 तक), नक्षत्र स्वाति (19:08 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 13:38 से 15:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:09
रात 06:07 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 19:08 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:06 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:38शुभ
अमृत13:38 – 15:09शुभ
काल15:09 – 16:39टालें
शुभ16:39 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:09 – 19:39शुभ
चर19:39 – 21:09सामान्य
रोग21:09 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:37शुभ
अमृत04:37 – 06:07शुभ

25 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 07:06 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:33, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 19:08 तक
विशाखा 22:09, 26 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:53 तक
विष्कंभअशुभ 22:50, 26 सित॰ तक
करण
गर 07:06 तक
वणिज 20:19 तक
विष्टि (भद्रा) 09:33, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
09:06
चंद्रास्त
19:50
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
13:38 – 15:09
यमगंड
06:06 – 07:37
गुलिक काल
09:07 – 10:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0607:07दिन
मंगल07:0708:07दिन
सूर्य08:0709:07दिन
शुक्र09:0710:07दिन
बुध10:0711:08दिन
चंद्र11:0812:08दिन
शनि12:0813:08दिन
गुरु13:0814:08दिन
मंगल14:0815:09दिन
सूर्य15:0916:09दिन
शुक्र16:0917:09दिन
बुध17:0918:09दिन
चंद्र18:0919:09रात
शनि19:0920:09रात
गुरु20:0921:09रात
मंगल21:0922:08रात
सूर्य22:0823:08रात
शुक्र23:0800:08रात
बुध00:0801:08रात
चंद्र01:0802:08रात
शनि02:0803:07रात
गुरु03:0704:07रात
मंगल04:0705:07रात
सूर्य05:0706:07रात

अयनांश 24.2165° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।