23 अक्टूबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (22:47 तक), नक्षत्र विशाखा (04:51, 24 अक्टू॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 13:25 से 14:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:37
रात 06:24 तक
तिथि
द्वितीया, 22:47 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 04:51 तक
अनुराधा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:24 – 07:48शुभ
रोग07:48 – 09:12टालें
उद्वेग09:12 – 10:36टालें
चर10:36 – 12:00सामान्य
लाभ12:00 – 13:25शुभ
अमृत13:25 – 14:49शुभ
काल14:49 – 16:13टालें
शुभ16:13 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:37 – 19:13शुभ
चर19:13 – 20:49सामान्य
रोग20:49 – 22:25टालें
काल22:25 – 00:01टालें
लाभ00:01 – 01:37शुभ
उद्वेग01:37 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:48शुभ
अमृत04:48 – 06:24शुभ

23 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 22:47 तक
शुक्ल तृतीया 01:20, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 04:51, 24 अक्टू॰ तक
अनुराधा 07:51, 25 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 04:59, 24 अक्टू॰ तक
सौभाग्य 05:54, 25 अक्टू॰ तक
करण
बालव 09:31 तक
कौलव 22:47 तक
तैतिल 12:03, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 22:06 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
07:55
चंद्रास्त
18:25
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
13:25 – 14:49
यमगंड
06:24 – 07:48
गुलिक काल
09:12 – 10:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2407:20दिन
मंगल07:2008:16दिन
सूर्य08:1609:12दिन
शुक्र09:1210:08दिन
बुध10:0811:04दिन
चंद्र11:0412:00दिन
शनि12:0012:57दिन
गुरु12:5713:53दिन
मंगल13:5314:49दिन
सूर्य14:4915:45दिन
शुक्र15:4516:41दिन
बुध16:4117:37दिन
चंद्र17:3718:41रात
शनि18:4119:45रात
गुरु19:4520:49रात
मंगल20:4921:53रात
सूर्य21:5322:57रात
शुक्र22:5700:01रात
बुध00:0101:05रात
चंद्र01:0502:09रात
शनि02:0903:13रात
गुरु03:1304:17रात
मंगल04:1705:20रात
सूर्य05:2006:24रात

अयनांश 24.2176° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।