7 नवंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (11:05 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:33, 8 नव॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 10:39 से 12:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:25
रात 06:36 तक
तिथि
द्वितीया, 11:05 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 00:33 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:35 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:17शुभ
अमृत09:17 – 10:39शुभ
काल10:39 – 12:00टालें
शुभ12:00 – 13:21शुभ
रोग13:21 – 14:42टालें
उद्वेग14:42 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:25 – 19:04टालें
काल19:04 – 20:42टालें
लाभ20:42 – 22:21शुभ
उद्वेग22:21 – 00:00टालें
शुभ00:00 – 01:39शुभ
अमृत01:39 – 03:18शुभ
चर03:18 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:36टालें

7 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 11:05 तक
कृष्ण तृतीया 07:32, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:33, 8 नव॰ तक
मृगशिरा 22:02, 8 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:27 तक
शिव 18:31, 8 नव॰ तक
करण
गर 11:05 तक
वणिज 21:16 तक
विष्टि (भद्रा) 07:32, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
18:47
चंद्रास्त
08:35
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:39 – 12:00
यमगंड
14:42 – 16:03
गुलिक काल
07:56 – 09:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3507:29दिन
बुध07:2908:23दिन
चंद्र08:2309:17दिन
शनि09:1710:12दिन
गुरु10:1211:06दिन
मंगल11:0612:00दिन
सूर्य12:0012:54दिन
शुक्र12:5413:48दिन
बुध13:4814:42दिन
चंद्र14:4215:36दिन
शनि15:3616:31दिन
गुरु16:3117:25दिन
मंगल17:2518:31रात
सूर्य18:3119:37रात
शुक्र19:3720:42रात
बुध20:4221:48रात
चंद्र21:4822:54रात
शनि22:5400:00रात
गुरु00:0001:06रात
मंगल01:0602:12रात
सूर्य02:1203:18रात
शुक्र03:1804:24रात
बुध04:2405:30रात
चंद्र05:3006:36रात

अयनांश 24.2182° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।