11 नवंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 11 नवंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 नवंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (23:09 तक), नक्षत्र पुष्य (18:18 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 14:41 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:22
रात 06:39 तक
तिथि
सप्तमी, 23:09 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 18:18 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:38 – 07:59टालें
उद्वेग07:59 – 09:19टालें
चर09:19 – 10:40सामान्य
लाभ10:40 – 12:00शुभ
अमृत12:00 – 13:21शुभ
काल13:21 – 14:41टालें
शुभ14:41 – 16:02शुभ
रोग16:02 – 17:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:22 – 19:02टालें
लाभ19:02 – 20:41शुभ
उद्वेग20:41 – 22:21टालें
शुभ22:21 – 00:01शुभ
अमृत00:01 – 01:40शुभ
चर01:40 – 03:20सामान्य
रोग03:20 – 04:59टालें
काल04:59 – 06:39टालें

11 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 23:09 तक
कृष्ण अष्टमी 22:58, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:18 तक
आश्लेषा 18:35, 12 नव॰ तक
योग
शुभ 09:44 तक
शुक्ल 08:02, 12 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:32 तक
बव 23:09 तक
बालव 10:58, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
23:13
चंद्रास्त
12:29
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
14:41 – 16:02
यमगंड
09:19 – 10:40
गुलिक काल
12:00 – 13:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3807:32दिन
सूर्य07:3208:26दिन
शुक्र08:2609:19दिन
बुध09:1910:13दिन
चंद्र10:1311:07दिन
शनि11:0712:00दिन
गुरु12:0012:54दिन
मंगल12:5413:48दिन
सूर्य13:4814:41दिन
शुक्र14:4115:35दिन
बुध15:3516:29दिन
चंद्र16:2917:22दिन
शनि17:2218:29रात
गुरु18:2919:35रात
मंगल19:3520:41रात
सूर्य20:4121:48रात
शुक्र21:4822:54रात
बुध22:5400:01रात
चंद्र00:0101:07रात
शनि01:0702:13रात
गुरु02:1303:20रात
मंगल03:2004:26रात
सूर्य04:2605:33रात
शुक्र05:3306:39रात

अयनांश 24.2183° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।