15 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 15 दिसंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (21:20 तक), नक्षत्र चित्रा (11:08 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 08:21 से 09:38 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:18
रात 07:05 तक
तिथि
एकादशी, 21:20 तक
द्वादशी
नक्षत्र
चित्रा, 11:08 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:05 – 08:21शुभ
काल08:21 – 09:38टालें
शुभ09:38 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:11टालें
उद्वेग12:11 – 13:28टालें
चर13:28 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:01शुभ
अमृत16:01 – 17:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:18 – 19:01सामान्य
रोग19:01 – 20:45टालें
काल20:45 – 22:28टालें
लाभ22:28 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:39शुभ
अमृत03:39 – 05:22शुभ
चर05:22 – 07:05सामान्य

15 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 21:20 तक
कृष्ण द्वादशी 23:57, 16 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 11:08 तक
स्वाति 14:09, 16 दिस॰ तक
योग
शोभन 12:30 तक
अतिगंडअशुभ 13:23, 16 दिस॰ तक
करण
बव 08:03 तक
बालव 21:20 तक
कौलव 10:38, 16 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
02:48
चंद्रास्त
13:56
दिनमान
10h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:21 – 09:38
यमगंड
10:55 – 12:11
गुलिक काल
13:28 – 14:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0507:56दिन
शनि07:5608:47दिन
गुरु08:4709:38दिन
मंगल09:3810:29दिन
सूर्य10:2911:20दिन
शुक्र11:2012:11दिन
बुध12:1113:03दिन
चंद्र13:0313:54दिन
शनि13:5414:45दिन
गुरु14:4515:36दिन
मंगल15:3616:27दिन
सूर्य16:2717:18दिन
शुक्र17:1818:27रात
बुध18:2719:36रात
चंद्र19:3620:45रात
शनि20:4521:54रात
गुरु21:5423:03रात
मंगल23:0300:12रात
सूर्य00:1201:21रात
शुक्र01:2102:30रात
बुध02:3003:39रात
चंद्र03:3904:48रात
शनि04:4805:56रात
गुरु05:5607:05रात

अयनांश 24.2196° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।