1 जनवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 1 जनवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (22:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (22:48 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है। राहुकाल 13:37 से 14:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 17:27
रात 07:13 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 22:48 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:12 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:46टालें
उद्वेग09:46 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:20सामान्य
लाभ12:20 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 14:54शुभ
काल14:54 – 16:10टालें
शुभ16:10 – 17:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:27 – 19:10शुभ
चर19:10 – 20:54सामान्य
रोग20:54 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 02:03शुभ
उद्वेग02:03 – 03:46टालें
शुभ03:46 – 05:29शुभ
अमृत05:29 – 07:13शुभ

1 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 22:22 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:53, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 22:48 तक
मृगशिरा 20:04, 2 जन॰ तक
योग
शुभ 17:12 तक
शुक्ल 13:07, 2 जन॰ तक
करण
कौलव 12:06 तक
तैतिल 22:22 तक
गर 08:38, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
15:05
चंद्रास्त
04:54
दिनमान
10h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 14:54
यमगंड
07:12 – 08:29
गुलिक काल
09:46 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1208:04दिन
मंगल08:0408:55दिन
सूर्य08:5509:46दिन
शुक्र09:4610:37दिन
बुध10:3711:29दिन
चंद्र11:2912:20दिन
शनि12:2013:11दिन
गुरु13:1114:02दिन
मंगल14:0214:54दिन
सूर्य14:5415:45दिन
शुक्र15:4516:36दिन
बुध16:3617:27दिन
चंद्र17:2718:36रात
शनि18:3619:45रात
गुरु19:4520:54रात
मंगल20:5422:02रात
सूर्य22:0223:11रात
शुक्र23:1100:20रात
बुध00:2001:29रात
चंद्र01:2902:38रात
शनि02:3803:46रात
गुरु03:4604:55रात
मंगल04:5506:04रात
सूर्य06:0407:13रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।