29 जनवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 29 जनवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (13:55 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:31 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 13:50 से 15:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 17:51
रात 07:08 तक
तिथि
एकादशी, 13:55 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 05:29 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:09 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:49टालें
उद्वेग09:49 – 11:09टालें
चर11:09 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 13:50शुभ
अमृत13:50 – 15:10शुभ
काल15:10 – 16:30टालें
शुभ16:30 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:51 – 19:30शुभ
चर19:30 – 21:10सामान्य
रोग21:10 – 22:50टालें
काल22:50 – 00:29टालें
लाभ00:29 – 02:09शुभ
उद्वेग02:09 – 03:49टालें
शुभ03:49 – 05:28शुभ
अमृत05:28 – 07:08शुभ

29 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 13:55 तक
शुक्ल द्वादशी 11:09, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:31 तक
मृगशिरा 05:29, 30 जन॰ तक
आर्द्रा 03:27, 31 जन॰ तक
योग
इंद्र 20:27 तक
वैधृतिअशुभ 16:58, 30 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:55 तक
बव 00:32, 30 जन॰ तक
बालव 11:09, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:31 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
13:51
चंद्रास्त
03:47
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
13:50 – 15:10
यमगंड
07:09 – 08:29
गुलिक काल
09:49 – 11:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0908:02दिन
मंगल08:0208:56दिन
सूर्य08:5609:49दिन
शुक्र09:4910:43दिन
बुध10:4311:36दिन
चंद्र11:3612:30दिन
शनि12:3013:23दिन
गुरु13:2314:17दिन
मंगल14:1715:10दिन
सूर्य15:1016:04दिन
शुक्र16:0416:57दिन
बुध16:5717:51दिन
चंद्र17:5118:57रात
शनि18:5720:03रात
गुरु20:0321:10रात
मंगल21:1022:16रात
सूर्य22:1623:23रात
शुक्र23:2300:29रात
बुध00:2901:36रात
चंद्र01:3602:42रात
शनि02:4203:49रात
गुरु03:4904:55रात
मंगल04:5506:02रात
सूर्य06:0207:08रात

अयनांश 24.2213° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।