6 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:19, 7 फ़र॰ तक), नक्षत्र हस्त (00:24, 7 फ़र॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 11:09 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 17:57
रात 07:03 तक
तिथि
पंचमी, 01:19 तक
षष्ठी
नक्षत्र
हस्त, 00:24 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:04 – 08:25सामान्य
लाभ08:25 – 09:47शुभ
अमृत09:47 – 11:09शुभ
काल11:09 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 13:52शुभ
रोग13:52 – 15:14टालें
उद्वेग15:14 – 16:36टालें
चर16:36 – 17:57सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:57 – 19:36टालें
काल19:36 – 21:14टालें
लाभ21:14 – 22:52शुभ
उद्वेग22:52 – 00:30टालें
शुभ00:30 – 02:08शुभ
अमृत02:08 – 03:47शुभ
चर03:47 – 05:25सामान्य
रोग05:25 – 07:03टालें

6 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:19, 7 फ़र॰ तक
कृष्ण षष्ठी 02:54, 8 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 00:24, 7 फ़र॰ तक
चित्रा 02:28, 8 फ़र॰ तक
योग
धृति 23:37 तक
शूलअशुभ 23:40, 7 फ़र॰ तक
करण
कौलव 12:45 तक
तैतिल 01:19, 7 फ़र॰ तक
गर 14:02, 7 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
22:28
चंद्रास्त
09:27
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
11:09 – 12:31
यमगंड
15:14 – 16:36
गुलिक काल
08:25 – 09:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0407:58दिन
बुध07:5808:53दिन
चंद्र08:5309:47दिन
शनि09:4710:42दिन
गुरु10:4211:36दिन
मंगल11:3612:31दिन
सूर्य12:3113:25दिन
शुक्र13:2514:19दिन
बुध14:1915:14दिन
चंद्र15:1416:08दिन
शनि16:0817:03दिन
गुरु17:0317:57दिन
मंगल17:5719:03रात
सूर्य19:0320:08रात
शुक्र20:0821:14रात
बुध21:1422:19रात
चंद्र22:1923:25रात
शनि23:2500:30रात
गुरु00:3001:36रात
मंगल01:3602:41रात
सूर्य02:4103:47रात
शुक्र03:4704:52रात
बुध04:5205:58रात
चंद्र05:5807:03रात

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।