9 मार्च 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 9 मार्च 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 9 मार्च 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (23:27 तक), नक्षत्र विशाखा (16:11 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:21
रात 06:33 तक
तिथि
षष्ठी, 23:27 तक
सप्तमी
नक्षत्र
विशाखा, 16:11 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:34 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 10:59शुभ
रोग10:59 – 12:27टालें
उद्वेग12:27 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:24सामान्य
लाभ15:24 – 16:52शुभ
अमृत16:52 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:21 – 19:52सामान्य
रोग19:52 – 21:24टालें
काल21:24 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:27शुभ
उद्वेग00:27 – 01:58टालें
शुभ01:58 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:33सामान्य

9 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:27 तक
कृष्ण सप्तमी 01:54, 11 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 16:11 तक
अनुराधा 19:05, 10 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 07:35 तक
हर्षण 08:21, 10 मार्च तक
करण
गर 10:17 तक
वणिज 23:27 तक
विष्टि (भद्रा) 12:40, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 09:29 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
09:31
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:30
यमगंड
10:59 – 12:27
गुलिक काल
13:55 – 15:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3407:33दिन
शनि07:3308:31दिन
गुरु08:3109:30दिन
मंगल09:3010:29दिन
सूर्य10:2911:28दिन
शुक्र11:2812:27दिन
बुध12:2713:26दिन
चंद्र13:2614:25दिन
शनि14:2515:24दिन
गुरु15:2416:23दिन
मंगल16:2317:22दिन
सूर्य17:2218:21दिन
शुक्र18:2119:22रात
बुध19:2220:23रात
चंद्र20:2321:24रात
शनि21:2422:25रात
गुरु22:2523:26रात
मंगल23:2600:27रात
सूर्य00:2701:28रात
शुक्र01:2802:29रात
बुध02:2903:30रात
चंद्र03:3004:31रात
शनि04:3105:32रात
गुरु05:3206:33रात

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।