14 सितंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 14 सितंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (07:07 तक), नक्षत्र चित्रा (13:55 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 07:33 से 09:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 18:23
रात 06:01 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 13:55 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:33शुभ
काल07:33 – 09:06टालें
शुभ09:06 – 10:39शुभ
रोग10:39 – 12:12टालें
उद्वेग12:12 – 13:45टालें
चर13:45 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 16:50शुभ
अमृत16:50 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:51सामान्य
रोग19:51 – 21:18टालें
काल21:18 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 01:39टालें
शुभ01:39 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:34शुभ
चर04:34 – 06:01सामान्य

14 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 07:07 तक
शुक्ल चतुर्थी 07:44, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 13:55 तक
स्वाति 15:21, 15 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 12:46 तक
इंद्र 12:20, 15 सित॰ तक
करण
गर 07:07 तक
वणिज 19:21 तक
विष्टि (भद्रा) 07:44, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
08:59
चंद्रास्त
20:01
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
07:33 – 09:06
यमगंड
10:39 – 12:12
गुलिक काल
13:45 – 15:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0007:02दिन
शनि07:0208:04दिन
गुरु08:0409:06दिन
मंगल09:0610:08दिन
सूर्य10:0811:10दिन
शुक्र11:1012:12दिन
बुध12:1213:14दिन
चंद्र13:1414:16दिन
शनि14:1615:18दिन
गुरु15:1816:19दिन
मंगल16:1917:21दिन
सूर्य17:2118:23दिन
शुक्र18:2319:21रात
बुध19:2120:20रात
चंद्र20:2021:18रात
शनि21:1822:16रात
गुरु22:1623:14रात
मंगल23:1400:12रात
सूर्य00:1201:10रात
शुक्र01:1002:08रात
बुध02:0803:06रात
चंद्र03:0604:04रात
शनि04:0405:03रात
गुरु05:0306:01रात

अयनांश 24.2301° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।