24 सितंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 24 सितंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (23:18 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (10:35 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:11
रात 06:06 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:18 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 10:35 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:06 – 07:36शुभ
रोग07:36 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:38टालें
चर10:38 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:10शुभ
काल15:10 – 16:40टालें
शुभ16:40 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:11 – 19:40शुभ
चर19:40 – 21:10सामान्य
रोग21:10 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:37शुभ
अमृत04:37 – 06:06शुभ

24 सितंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 23:18 तक
शुक्ल चतुर्दशी 23:07, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 11:22, 25 सित॰ तक
योग
धृति 15:54 तक
शूलअशुभ 14:51, 25 सित॰ तक
करण
कौलव 11:09 तक
तैतिल 23:18 तक
गर 11:17, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
16:50
चंद्रास्त
03:33
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:10
यमगंड
06:06 – 07:36
गुलिक काल
09:07 – 10:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0607:06दिन
मंगल07:0608:06दिन
सूर्य08:0609:07दिन
शुक्र09:0710:07दिन
बुध10:0711:08दिन
चंद्र11:0812:08दिन
शनि12:0813:09दिन
गुरु13:0914:09दिन
मंगल14:0915:10दिन
सूर्य15:1016:10दिन
शुक्र16:1017:10दिन
बुध17:1018:11दिन
चंद्र18:1119:10रात
शनि19:1020:10रात
गुरु20:1021:10रात
मंगल21:1022:09रात
सूर्य22:0923:09रात
शुक्र23:0900:08रात
बुध00:0801:08रात
चंद्र01:0802:08रात
शनि02:0803:07रात
गुरु03:0704:07रात
मंगल04:0705:07रात
सूर्य05:0706:06रात

अयनांश 24.2304° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।