21 अक्टूबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (14:12 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (19:48 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 12:01 से 13:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 17:39
रात 06:23 तक
तिथि
दशमी, 14:12 तक
एकादशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 19:48 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:22 – 07:47शुभ
अमृत07:47 – 09:11शुभ
काल09:11 – 10:36टालें
शुभ10:36 – 12:01शुभ
रोग12:01 – 13:25टालें
उद्वेग13:25 – 14:50टालें
चर14:50 – 16:15सामान्य
लाभ16:15 – 17:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:39 – 19:15टालें
शुभ19:15 – 20:50शुभ
अमृत20:50 – 22:26शुभ
चर22:26 – 00:01सामान्य
रोग00:01 – 01:37टालें
काल01:37 – 03:12टालें
लाभ03:12 – 04:47शुभ
उद्वेग04:47 – 06:23टालें

21 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल दशमी 14:12 तक
शुक्ल एकादशी 14:48, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 20:49, 22 अक्टू॰ तक
योग
गंडअशुभ 00:33, 22 अक्टू॰ तक
वृद्धि 23:39, 22 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:12 तक
वणिज 02:36, 22 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:48, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 07:00 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
14:48
चंद्रास्त
01:19
दिनमान
11h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:23 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:01 – 13:25
यमगंड
07:47 – 09:11
गुलिक काल
10:36 – 12:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2207:19दिन
चंद्र07:1908:15दिन
शनि08:1509:11दिन
गुरु09:1110:08दिन
मंगल10:0811:04दिन
सूर्य11:0412:01दिन
शुक्र12:0112:57दिन
बुध12:5713:54दिन
चंद्र13:5414:50दिन
शनि14:5015:47दिन
गुरु15:4716:43दिन
मंगल16:4317:39दिन
सूर्य17:3918:43रात
शुक्र18:4319:47रात
बुध19:4720:50रात
चंद्र20:5021:54रात
शनि21:5422:58रात
गुरु22:5800:01रात
मंगल00:0101:05रात
सूर्य01:0502:08रात
शुक्र02:0803:12रात
बुध03:1204:16रात
चंद्र04:1605:19रात
शनि05:1906:23रात

अयनांश 24.2315° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।