9 नवंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 9 नवंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 9 नवंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (12:32 तक), नक्षत्र स्वाति (07:24 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:24
रात 06:37 तक
तिथि
अमावस्या, 12:32 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:18टालें
शुभ09:18 – 10:39शुभ
रोग10:39 – 12:00टालें
उद्वेग12:00 – 13:21टालें
चर13:21 – 14:42सामान्य
लाभ14:42 – 16:03शुभ
अमृत16:03 – 17:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:24 – 19:03सामान्य
रोग19:03 – 20:42टालें
काल20:42 – 22:21टालें
लाभ22:21 – 00:00शुभ
उद्वेग00:00 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:19शुभ
अमृत03:19 – 04:58शुभ
चर04:58 – 06:37सामान्य

9 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 12:32 तक
शुक्ल प्रतिपदा 14:00, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:24 तक
विशाखा 09:19, 10 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 02:57, 10 नव॰ तक
शोभन 03:09, 11 नव॰ तक
करण
नाग 12:32 तक
किंस्तुघ्न 01:13, 10 नव॰ तक
बव 14:00, 10 नव॰ तक
चंद्र राशि
तुला 02:48, 10 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
06:34
चंद्रास्त
17:08
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:18
यमगंड
10:39 – 12:00
गुलिक काल
13:21 – 14:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:30दिन
शनि07:3008:24दिन
गुरु08:2409:18दिन
मंगल09:1810:12दिन
सूर्य10:1211:06दिन
शुक्र11:0612:00दिन
बुध12:0012:54दिन
चंद्र12:5413:48दिन
शनि13:4814:42दिन
गुरु14:4215:36दिन
मंगल15:3616:30दिन
सूर्य16:3017:24दिन
शुक्र17:2418:30रात
बुध18:3019:36रात
चंद्र19:3620:42रात
शनि20:4221:48रात
गुरु21:4822:54रात
मंगल22:5400:00रात
सूर्य00:0001:07रात
शुक्र01:0702:13रात
बुध02:1303:19रात
चंद्र03:1904:25रात
शनि04:2505:31रात
गुरु05:3106:37रात

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।