15 नवंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 15 नवंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 15 नवंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (02:01, 16 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:29 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 16:00 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 17:20
रात 06:42 तक
तिथि
षष्ठी, 02:01 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:29 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:41 – 08:01टालें
चर08:01 – 09:21सामान्य
लाभ09:21 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:21टालें
शुभ13:21 – 14:40शुभ
रोग14:40 – 16:00टालें
उद्वेग16:00 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:20 – 19:00शुभ
अमृत19:00 – 20:41शुभ
चर20:41 – 22:21सामान्य
रोग22:21 – 00:01टालें
काल00:01 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 05:02टालें
शुभ05:02 – 06:42शुभ

15 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 02:01, 16 नव॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:20, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 02:17, 17 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 07:16, 16 नव॰ तक
करण
कौलव 12:44 तक
तैतिल 02:01, 16 नव॰ तक
गर 15:14, 16 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
11:40
चंद्रास्त
22:10
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
16:00 – 17:20
यमगंड
12:01 – 13:21
गुलिक काल
14:40 – 16:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4107:35दिन
शुक्र07:3508:28दिन
बुध08:2809:21दिन
चंद्र09:2110:14दिन
शनि10:1411:07दिन
गुरु11:0712:01दिन
मंगल12:0112:54दिन
सूर्य12:5413:47दिन
शुक्र13:4714:40दिन
बुध14:4015:34दिन
चंद्र15:3416:27दिन
शनि16:2717:20दिन
गुरु17:2018:27रात
मंगल18:2719:34रात
सूर्य19:3420:41रात
शुक्र20:4121:47रात
बुध21:4722:54रात
चंद्र22:5400:01रात
शनि00:0101:08रात
गुरु01:0802:15रात
मंगल02:1503:22रात
सूर्य03:2204:28रात
शुक्र04:2805:35रात
बुध05:3506:42रात

अयनांश 24.2324° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।