16 नवंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 16 नवंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 नवंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (04:20, 17 नव॰ तक), नक्षत्र श्रवण (02:17, 17 नव॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:20
रात 06:43 तक
तिथि
सप्तमी, 04:20 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 02:17 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:42 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:22टालें
शुभ09:22 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:21टालें
चर13:21 – 14:40सामान्य
लाभ14:40 – 16:00शुभ
अमृत16:00 – 17:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:20 – 19:00सामान्य
रोग19:00 – 20:41टालें
काल20:41 – 22:21टालें
लाभ22:21 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:42टालें
शुभ01:42 – 03:22शुभ
अमृत03:22 – 05:03शुभ
चर05:03 – 06:43सामान्य

16 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 04:20, 17 नव॰ तक
शुक्ल अष्टमी 06:05, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 02:17, 17 नव॰ तक
धनिष्ठा 04:34, 18 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 07:16 तक
वृद्धि 07:54, 17 नव॰ तक
करण
गर 15:14 तक
वणिज 04:20, 17 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:17, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
12:14
चंद्रास्त
23:07
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:22
यमगंड
10:41 – 12:01
गुलिक काल
13:21 – 14:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4207:35दिन
शनि07:3508:28दिन
गुरु08:2809:22दिन
मंगल09:2210:15दिन
सूर्य10:1511:08दिन
शुक्र11:0812:01दिन
बुध12:0112:54दिन
चंद्र12:5413:47दिन
शनि13:4714:40दिन
गुरु14:4015:33दिन
मंगल15:3316:27दिन
सूर्य16:2717:20दिन
शुक्र17:2018:27रात
बुध18:2719:34रात
चंद्र19:3420:41रात
शनि20:4121:47रात
गुरु21:4722:54रात
मंगल22:5400:01रात
सूर्य00:0101:08रात
शुक्र01:0802:15रात
बुध02:1503:22रात
चंद्र03:2204:29रात
शनि04:2905:36रात
गुरु05:3606:43रात

अयनांश 24.2325° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।