1 जनवरी 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 1 जनवरी 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (13:10 तक), नक्षत्र चित्रा (17:29 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 17:27
रात 07:13 तक
तिथि
नवमी, 13:10 तक
दशमी
नक्षत्र
चित्रा, 17:29 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:12 – 08:29सामान्य
लाभ08:29 – 09:46शुभ
अमृत09:46 – 11:03शुभ
काल11:03 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:37शुभ
रोग13:37 – 14:53टालें
उद्वेग14:53 – 16:10टालें
चर16:10 – 17:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:27 – 19:10टालें
काल19:10 – 20:53टालें
लाभ20:53 – 22:37शुभ
उद्वेग22:37 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:46शुभ
चर03:46 – 05:29सामान्य
रोग05:29 – 07:13टालें

1 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 13:10 तक
कृष्ण दशमी 14:24, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 17:29 तक
स्वाति 19:19, 2 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 11:43 तक
सुकर्मा 11:28, 2 जन॰ तक
करण
गर 13:10 तक
वणिज 01:43, 2 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:24, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
01:23
चंद्रास्त
12:35
दिनमान
10h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:20
यमगंड
14:53 – 16:10
गुलिक काल
08:29 – 09:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1208:04दिन
बुध08:0408:55दिन
चंद्र08:5509:46दिन
शनि09:4610:37दिन
गुरु10:3711:28दिन
मंगल11:2812:20दिन
सूर्य12:2013:11दिन
शुक्र13:1114:02दिन
बुध14:0214:53दिन
चंद्र14:5315:45दिन
शनि15:4516:36दिन
गुरु16:3617:27दिन
मंगल17:2718:36रात
सूर्य18:3619:45रात
शुक्र19:4520:53रात
बुध20:5322:02रात
चंद्र22:0223:11रात
शनि23:1100:20रात
गुरु00:2001:29रात
मंगल01:2902:37रात
सूर्य02:3703:46रात
शुक्र03:4604:55रात
बुध04:5506:04रात
चंद्र06:0407:13रात

अयनांश 24.2342° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।