26 फ़रवरी 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (20:43 तक), नक्षत्र स्वाति (10:13 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 11:04 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:13
रात 06:45 तक
तिथि
षष्ठी, 20:43 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 10:13 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:46 – 08:12सामान्य
लाभ08:12 – 09:38शुभ
अमृत09:38 – 11:04शुभ
काल11:04 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:21टालें
उद्वेग15:21 – 16:47टालें
चर16:47 – 18:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:13 – 19:47टालें
काल19:47 – 21:21टालें
लाभ21:21 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:37शुभ
चर03:37 – 05:11सामान्य
रोग05:11 – 06:45टालें

26 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:43 तक
कृष्ण सप्तमी 21:55, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 10:13 तक
विशाखा 11:40, 27 फ़र॰ तक
योग
ध्रुव 22:19 तक
व्याघातअशुभ 22:08, 27 फ़र॰ तक
करण
गर 08:24 तक
वणिज 20:43 तक
विष्टि (भद्रा) 09:13, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
तुला 05:14, 27 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
23:59
चंद्रास्त
09:40
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
11:04 – 12:29
यमगंड
15:21 – 16:47
गुलिक काल
08:12 – 09:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4607:43दिन
बुध07:4308:41दिन
चंद्र08:4109:38दिन
शनि09:3810:35दिन
गुरु10:3511:32दिन
मंगल11:3212:29दिन
सूर्य12:2913:27दिन
शुक्र13:2714:24दिन
बुध14:2415:21दिन
चंद्र15:2116:18दिन
शनि16:1817:16दिन
गुरु17:1618:13दिन
मंगल18:1319:15रात
सूर्य19:1520:18रात
शुक्र20:1821:21रात
बुध21:2122:24रात
चंद्र22:2423:26रात
शनि23:2600:29रात
गुरु00:2901:32रात
मंगल01:3202:34रात
सूर्य02:3403:37रात
शुक्र03:3704:40रात
बुध04:4005:42रात
चंद्र05:4206:45रात

अयनांश 24.2364° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।