7 मार्च 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 7 मार्च 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 मार्च 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (13:46 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:42 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 16:51 से 18:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:19
रात 06:35 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:46 तक
अमावस्या
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:36 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:32सामान्य
लाभ09:32 – 11:00शुभ
अमृत11:00 – 12:28शुभ
काल12:28 – 13:55टालें
शुभ13:55 – 15:23शुभ
रोग15:23 – 16:51टालें
उद्वेग16:51 – 18:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:19 – 19:51शुभ
अमृत19:51 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:55सामान्य
रोग22:55 – 00:27टालें
काल00:27 – 01:59टालें
लाभ01:59 – 03:31शुभ
उद्वेग03:31 – 05:03टालें
शुभ05:03 – 06:35शुभ

7 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 13:46 तक
अमावस्या 14:59, 8 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:35, 8 मार्च तक
योग
सिद्ध 03:06, 8 मार्च तक
साध्य 02:43, 9 मार्च तक
करण
शकुनि 13:46 तक
चतुष्पद 02:27, 8 मार्च तक
नाग 14:59, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
05:52
चंद्रास्त
17:28
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
16:51 – 18:19
यमगंड
12:28 – 13:55
गुलिक काल
15:23 – 16:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3607:35दिन
शुक्र07:3508:33दिन
बुध08:3309:32दिन
चंद्र09:3210:31दिन
शनि10:3111:29दिन
गुरु11:2912:28दिन
मंगल12:2813:26दिन
सूर्य13:2614:25दिन
शुक्र14:2515:23दिन
बुध15:2316:22दिन
चंद्र16:2217:20दिन
शनि17:2018:19दिन
गुरु18:1919:20रात
मंगल19:2020:22रात
सूर्य20:2221:23रात
शुक्र21:2322:24रात
बुध22:2423:26रात
चंद्र23:2600:27रात
शनि00:2701:28रात
गुरु01:2802:30रात
मंगल02:3003:31रात
सूर्य03:3104:32रात
शुक्र04:3205:34रात
बुध05:3406:35रात

अयनांश 24.2367° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।